01-Apr-2025
राष्ट्रीय जीन बैंक
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी
चर्चा में क्यों?
- भारत जैव विविधता संरक्षण को दृढ़ करने के लिये अपना दूसरा राष्ट्रीय जीन बैंक स्थापित कर रहा है।
उद्देश्य: भविष्य की खाद्य सुरक्षा के लिये महत्त्वपूर्ण आनुवंशिक सामग्री को सुरक्षित करना।
राष्ट्रीय जीन बैंक (NGB): परिचय
- पहला NGB 1996 में ICAR--राष्ट्रीय पादप आनुवंशिक संसाधन ब्यूरो (NBPGR), नई दिल्ली में स्थापित किया गया था।
- जीन बैंक पौधों, जानवरों और सूक्ष्मजीवों से प्राप्त आनुवंशिक सामग्रियों के भंडारण के लिये जैव-भंडार के रूप में कार्य करते हैं।
जीन बैंकों का उद्देश्य
- जैव विविधता को संरक्षित रखना।
- दीर्घकालिक खाद्य एवं पोषण सुरक्षा सुनिश्चित करना।
- आनुवंशिक क्षरण और जलवायु परिवर्तन से सुरक्षा में सहायता करना।
जीन बैंकों के प्रकार
- बीज बैंक: बीज भंडारित किया जाता है (उदाहरण के लिये, स्वालबार्ड ग्लोबल सीड वॉल्ट, नॉर्वे)।
- फील्ड जीन बैंक: प्राकृतिक परिस्थितियों में जीवित पौधों का संरक्षण किया जाता है।
- क्रायो-संरक्षण (क्रायोप्रिज़र्वेशन) बैंक: ऊतकों, भ्रूणों और कोशिकाओं को अत्यंत निम्न तापमान पर संरक्षित करते हैं।
- पराग और DNA बैंक: पराग कणों और आनुवंशिक DNA सामग्री को संग्रहित किया जाता है।